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जबलपुर के छात्र ने प्रधानमंत्री से पूछा सवाल:परीक्षा पे चर्चा में कहा- टीचर की स्पीड मैच नहीं कर पाते, मोदी बोले- आपकी शिकायत टीचर के खिलाफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) कार्यक्रम में देशभर के छात्रों से बातचीत की। 2026 के 9वें एडिशन में पीएम छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव-मुक्त रहने में मदद करने और लर्निंग पर फोकस के टिप्स भी दिए। इस बीच जबलपुर के छात्र आयुष तिवारी ने पीएम मोदी से सवाल किया। आयुष ने पूछा कि, कई बार हम स्कूल या टीचर की स्पीड से मैच नहीं कर पाते। जो पढ़ाई छूट जाती है, उसे पूरा करने के चक्कर में आगे के चैप्टर समझ नहीं पाते और पीछे रह जाते हैं। ऐसी स्थिति में हमें कैसे मैनेज करना चाहिए? ऐसे में पीएम ने पहले पूछा- क्या आपकी शिकायत टीचर के खिलाफ है? आयुष ने इस पर ना में जवाब दिया। फिर पीएम ने आयुष के सवाल का उदाहरणों के साथ जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक की गति हमेशा विद्यार्थी से सिर्फ एक कदम आगे होनी चाहिए, बहुत ज्यादा नहीं। ‘टीचर पहले बता दें कि कौन सा पाठ पढ़ाया जाएगा’ प्रधानमंत्री ने किसान का उदाहरण देकर बात समझाई। उन्होंने कहा कि जैसे किसान पहले खेत जोतता है, उसी तरह शिक्षक को पहले विद्यार्थी के मन को तैयार करना चाहिए। अगर शिक्षक पहले ही बता दे कि आने वाले हफ्तों में कौन-कौन से पाठ पढ़ाए जाएंगे और विद्यार्थियों से कहे कि वे पहले से थोड़ा पढ़कर आएं, गूगल पर देखें, सवाल लेकर आएं, तो कक्षा में जिज्ञासा अपने आप पैदा हो जाती है। इस पर आयुष और अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि पहले से पढ़ने पर कक्षा में समझ बेहतर होती है, फोकस बढ़ता है और विषय में रुचि भी बनती है। एक छात्रा, मानसी, ने कहा कि जब कोई अध्याय रोचक लगता है तो उसे और गहराई से जानने की इच्छा होती है, जिससे रिवीजन भी अपने आप हो जाता है। ‘मन को तैयार करो, टीचर से 1 कदम आगे रहो’ प्रधानमंत्री ने ‘एग्जाम वारियर’ पुस्तक का उदाहरण देते हुए कहा कि लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन बहुत आसानी से हासिल न हो। उन्होंने कहा कि अगर विद्यार्थी शिक्षक से एक कदम आगे चलना शुरू कर दें, तो कभी पीछे छूटने का भाव नहीं आएगा। मन को पहले तैयार करो, फिर उसमें पढ़ाई के विषय जोड़ो, सफलता अपने आप आएगी। आयुष ने कहा- पीएम ने अचानक सरप्राइज दिया आयुष तिवारी ने बताया, मेरे साथ 36 बच्चे थे। हमें बस में लेकर पीएम रेसिडेंस ले जाया गया। यह प्रोग्राम पहली बार पीएम रेसिडेंस में हुआ था, इसलिए सभी में अलग ही एक्साइटमेंट थी। जब हम पीएम रेसिडेंस पहुंचे, तो हमें वहां प्रोग्राम की जानकारी दी गई। जब हम नाश्ता करने लगे, तभी पीएम सर ने हमें बिल्कुल अचानक सरप्राइज दिया। हम सभी बिल्कुल शॉक हो गए, क्योंकि पीएम सर हमारे बिल्कुल आमने-सामने खड़े थे और हम उनसे बात करने वाले थे। उस समय मुझे लगा कि जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूँ। मैंने उनके साथ नाश्ता किया, उनके साथ बातें कीं। नाश्ते के बाद उन्होंने हमें पीएम रेसिडेंस में अपने हाथों से गमछे पहनाए। गमछे पहनाने के बाद आगे का प्रोग्राम जारी रहा। हमारा पूरा प्रोग्राम लगभग 2 से 2.5 घंटे तक चला। मैंने भी अपने सवाल पूछे और उन्होंने भी हमसे बातचीत की। प्रदेश के स्कूल में हुआ सीधा प्रसारण मध्यप्रदेश के सभी सरकारी, प्राइवेट और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में इसका सीधा प्रसारण किया गया।राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित किया गया। यहां विद्यार्थी, अभिभावक, वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट जन सजीव प्रसारण में सहभागिता की। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखंड स्थित ग्राम तेंदूखेड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। 22 लाख 95 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया था रजिस्ट्रेशन प्रदेश में ‘परीक्षा पे चर्चा’ में सहभागिता के लिए 1 दिसंबर से 11 जनवरी तक ऑनलाइन पंजीयन कराया गया था। इसमें मध्यप्रदेश से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थी, 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षक और 17 हजार से ज्यादा अभिभावकों सहित कुल 24 लाख 41 हजार 390 लोगों ने पंजीयन कराया। ‘परीक्षा पे चर्चा’ के वीडियो सर्कुलेट करने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश केवल बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के वीडियो स्कूलों में सर्कुलेट करने और ‘एग्जाम वारियर’ पुस्तक को शिक्षकों और विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। डॉ. गोयल ने बताया कि पुस्तक का हर वाक्य महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य बच्चों पर अनावश्यक तनाव नहीं डालना है, क्योंकि तनाव बच्चों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। लक्ष्य यह है कि हर बच्चा अपने पोटेंशियल के अनुसार बेहतर प्रदर्शन करे और उसका मूल्यांकन केवल अंकों से नहीं, बल्कि सर्वांगीण विकास के आधार पर किया जाए। कक्षा पांचवीं और आठवीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों से ये परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराई जा रही हैं। प्रयास है कि परीक्षाएं और परिणाम समय पर हों और प्रश्नपत्रों का स्तर संतुलित रहे। इसके लिए परीक्षा केंद्रों और मूल्यांकनकर्ताओं की ट्रेनिंग सहित पूरी प्रक्रिया को बोर्ड द्वारा स्ट्रीमलाइन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। पेपर लीक की आशंका पर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस बार व्यवस्था पहले से अधिक सख्त की गई है। ये खबर भी पढ़ें… परीक्षा पे चर्चा-पीएम बोले, मार्क्‍स-मार्क्‍स की बीमारी फैल गई है 27 जनवरी को परीक्षा पे चर्चा के 9वें एडिशन का वीडियो रिलीज हुआ था, जिसमें पीएम अलग-अलग लोकेशन पर बच्चों से सवाल-जवाब करते नजर आए। पीएम मोदी ने 5 राज्यों दिल्ली, कोयंबटूर (तमिलनाडु), रायपुर (छत्तीसगढ़), देव मोगरा (गुजरात) और गुवाहाटी (असम) में छात्रों से सीधे बातचीत की है। पूरी खबर पढ़ें…

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