ग्वालियर में इन दिनों लिफ्ट देकर जेब काटने वाली गैंग सक्रिय हो गई है। लंबे समय से हो रही वारदातों के बाद पुलिस को पता चला है कि यह गिरोह आगरा का है। गैंग के सदस्य आगरा से ग्वालियर आते हैं, शहर में वारदात को अंजाम देते हैं और पुलिस के रडार पर आने से पहले ही वापस लौट जाते हैं। जानकारी के अनुसार यह गैंग आगरा के बरागांव इलाके से जुड़ी बताई जा रही है। इनके निशाने पर ग्वालियर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास आने वाले भोले-भाले या बुजुर्ग यात्री रहते हैं। गैंग के सदस्य पहले लोगों से पता पूछने के बहाने बात करते हैं, फिर उन्हें लिफ्ट देने का ऑफर करते हैं। रास्ते में मौका पाकर उनकी जेब काट लेते हैं। लिफ्ट देने के बहाने करते हैं वारदात गैंग के सदस्य पहले लोगों को लिफ्ट देते हैं और इसी दौरान मौका पाकर उनकी जेब से नकदी निकाल लेते हैं। पीड़ित को घटना का पता तब चलता है, जब आरोपी उसे रास्ते में उतारकर फरार हो जाते हैं। तब तक वे बाइक से काफी दूर निकल चुके होते हैं। पहचान छिपाने के लिए गैंग के सदस्य बिना नंबर की बाइक का इस्तेमाल करते हैं और हेलमेट व साफी से अपना चेहरा ढंक लेते हैं, जिससे पीड़ित उन्हें पहचान नहीं पाता। पिछले छह महीनों में इस गिरोह ने शहर में एक दर्जन से अधिक जेबकटी की वारदातों को अंजाम दिया है। पीड़ितों ने अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज कराई हैं। पुलिस ने घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं, जिनमें आरोपी लोगों को लिफ्ट देकर ले जाते हुए दिखाई दिए हैं, लेकिन हेलमेट और कपड़े से चेहरा ढका होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी है। शहर में तीन ब्लैक स्पॉट करीब दो किलोमीटर के दायरे में तीन ऐसे ब्लैक स्पॉट चिन्हित हुए हैं, जहां यह गैंग सबसे ज्यादा सक्रिय है। इनमें गोला का मंदिर चौराहा, रेलवे स्टेशन बजरिया और बस स्टैंड क्षेत्र शामिल हैं। यहां गैंग के सदस्य खड़े होकर रास्ता पूछने वाले या अकेले सफर कर रहे लोगों को निशाना बनाते हैं। गैंग में कुछ महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं। ये महिलाएं टमटम या अन्य सवारी में बैठकर यात्रियों के बीच घुल-मिल जाती हैं और मौका मिलते ही महिलाओं के जेवर या नकदी से भरे बैग चुराकर फरार हो जाती हैं। पूर्व में तीन आरोपी गिरफ्तार ग्वालियर के पड़ाव थाना पुलिस ने 3 मार्च की देर रात बस स्टैंड के पास मुखबिर की सूचना पर जेबकतरा गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने 18 फरवरी को टेंपो में सवार 65 वर्षीय रामजीलाल गुप्ता निवासी जीवाजीगंज, मुरैना की जेब काटकर 90 हजार रुपए चुरा लिए थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में से 10 हजार रुपए नकद भी बरामद किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय कुलदीप गिहार पुत्र सतीश गिहार, 18 वर्षीय गोपी गिहार पुत्र मनोज गिहार और 24 वर्षीय बच्चन गिहार पुत्र रामगोपाल गिहार के रूप में हुई है। तीनों आरोपी आगरा जिले के विष्णुपुरा, तहसील बरा, थाना बरा और सदर क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पहले भी हो चुकी हैं कई वारदातें 8 मार्च (रविवार) सुबह करीब 9:15 बजे तुलसी विहार कॉलोनी, सेवानगर निवासी छाया यादव (45) अपनी सहेलियों के साथ टमटम से घर लौट रही थीं। उनके पास बैठी सफेद शर्ट और नकाब पहने एक महिला ने बातचीत में उलझाकर उनके लेडीज पर्स की चेन खोल दी। महिला ने पर्स में रखा छोटा पर्स चोरी कर लिया, जिसमें दो हीरे की अंगूठियां थीं, और रास्ते में उतरकर फरार हो गई। 17 अप्रैल 2025 (गुरुवार) 28 मई 2025 (बुधवार) महिला-पुरुष सदस्य चेन की तरह करते हैं काम पुलिस के अनुसार आगरा के बरा गांव से जुड़ी यह जेबकतरा गैंग बेहद शातिर है। वारदात के बाद गैंग के सदस्य चोरी किए गए रुपए, जेवर और पर्स को कुछ ही मिनटों में एक-दूसरे तक पहुंचा देते हैं। इससे यदि कोई सदस्य पकड़ा भी जाता है तो उसके पास चोरी का सामान नहीं मिलता। इसी कारण पूछताछ के बाद कई बार उन्हें छोड़ना पड़ता है। इसके बाद वे दोबारा सड़कों, टेंपो और टमटम में सवार लोगों को निशाना बनाते हैं। गैंग के सदस्यों तक पहुंचने के लिए पुलिस अब तक शहर के मुख्य चौराहों, होटल, लॉज, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाईवे के ढाबों सहित 2500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल चुकी है। ये खबर भी पढ़ें… चंबल’ में नोटरी से शादी..फिर दुल्हन की किडनैपिंग का खेल डकैतों के लिए कुख्यात चंबल अब लुटेरी दुल्हनों के लिए चर्चित हो रहा है। पिछले कुछ समय से यहां नोटरी पर शादियां कराई जा रही हैं। इसके बाद गैंग के सदस्य दुल्हन का अपहरण कर लेते हैं। कुछ मामलों में दुल्हन खुद भी फरार हो जाती है। 21 जनवरी को ऐसा ही एक मामला सामने आया।पूरी खबर पढ़ें
