ग्वालियर जिले के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सस्ती दर पर किताबें, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए 25 मार्च से 3 अप्रैल तक पुस्तक मेला (बुक फेयर) आयोजित किया जाएगा। यह मेला जिला प्रशासन द्वारा ग्वालियर मेला परिसर में सूर्य नमस्कार तिराहा के पास स्थित शिल्प बाजार में लगाया जाएगा। इसे लेकर पुस्तक विक्रेताओं, अभिभावकों और बच्चों में उत्साह है। पुस्तक मेले में सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम अनुसार पुस्तकें और यूनिफॉर्म उपलब्ध रहेंगी। बच्चों और अभिभावकों के हित में लिए गए इस निर्णय का प्रकाशकों और डीलर्स ने स्वागत किया है। पुस्तक विक्रेताओं को जिले के विभिन्न स्कूलों के पाठ्यक्रम उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकों के सेट उपलब्ध कराएं। विक्रेताओं ने स्पष्ट किया है कि मेले में किताबें, स्टेशनरी और ड्रेस खरीदने पर अभिभावकों को विशेष छूट दी जाएगी। इससे अनाधिकृत पुस्तकों की बिक्री पर भी प्रभावी रोक लगेगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि मेले की अवधि के दौरान बाजार की दुकानों पर स्कूली पुस्तकें और स्टेशनरी नहीं बेची जा सकेंगी। इस पर पुस्तक विक्रेताओं और एसोसिएशन ने सहमति जताई है। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए बुक बैंक जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए मेले में बुक बैंक स्थापित किया जाएगा। छात्र अपनी पिछली कक्षा की किताबें यहां दान कर सकेंगे। पिछले साल 700 बच्चों को इसका लाभ मिला था। मेले में आने वाले छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वाहन पार्किंग की भी अलग से व्यवस्था रहेगी। हेल्पलाइन नंबर जारी, कीमतों की जांच जानकारी और सहायता के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आईटी सेल कॉर्डिनेटर अरविंद तोमर (मो. 98935-87573) से संपर्क किया जा सकता है। स्कूलों द्वारा निर्धारित पुस्तकों के सेट की कीमतों का परीक्षण भी कराया जा रहा है। पिछले साल के फीडबैक के आधार पर इस बार मेले को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
