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गीजर की गैस से पति-पत्नी और बेटे की मौत:कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस से गई जान, चार दिन पहले सऊदी से सूरत लौटा था परिवार

गुजरात के सूरत शहर में सोमवार-मंगलवार की रात पति-पत्नी और बेटे की नींद में ही मौत हो गई थी। प्राथमिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि तीनों की मौत कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई थी। पुलिस की जांच में भी सामने आया है कि घर में लगा गीजर रात भर से चालू था। हालांकि मौतों का सटीक कारण पता करने के लिए शव से ब्लड और विसरा लेकर एफएसएल भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। चार दिन पहले ही सऊदी से सूरत लौटा था परिवार सोमवार की रात 40 वर्षीय सैयद फैज युसूफ अहमद, उनकी पत्नी मुबीना सैयद (36) और बेटा नोमान (12) घर में सो रहे थे। घटना का पता तब चला जब सुबह करीब 7 बजे सैयद फैज का भाई उस्मान सोय शेरी स्थित सैयद पैलेस में यह देखने गया कि उसका भतीजा नोमान स्कूल गया कि नहीं। दरवाजा अंदर से बंद था। उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दरवाजा तोड़ दिया गया। अंदर तीनों के शव अलग-अलग कमरे में पड़े थे। परिवार की 14 वर्षीय बेटी फरहीन अपनी दादी के घर पर थी, इसलिए उसकी जान बच गई। तीनों चार दिन पहले ही सऊदी अरब की धार्मिक यात्रा करके लौटे थे। रात में गीजर चलता छोड़ा, वेंटिलेशन नहीं होने से फैली गैस
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी राघव जैन, लालगेट पुलिस थाना के पीआई, अन्य पुलिसकर्मी और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में तीनों के मुंह से झाग निकलता देख पहले जहर के सेवन की आशंका जताई गई और आत्महत्या के पहलू को खंगाला गया। उसके बाद तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए स्मीमेर अस्पताल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में पता चला कि कार्बन मोनोऑक्साइड गैस सांस के जरिए शरीर में चली गई, जिससे दम घुटने से तीनों की नींद में ही मौत हो गई। वेंटिलेशन न हो तो 10-20 मिनट में ही जान जा सकती है
एक सामान्य बंद कमरे में यदि गैस गीजर या कोई ईंधन जलाने वाला उपकरण चालू हो और वेंटिलेशन नहीं है, तो 10-20 मिनट में ऑक्सीजन घटने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड भर जाती है। CO खून में ऑक्सीजन की जगह ले लेती है, जिससे व्यक्ति को सांस ही नहीं मिलती। 30-60 मिनट में बेहोशी और 1-2 घंटे में मौत हो सकती है। कार्बन मोनोऑक्साइड से सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, नींद और बेहोशी होती है। कई मामलों में नींद में ही दम घुट जाता है। बचाव के लिए जरूरी है कि बाथरूम में गैस गीजर न लगाएं या वेंटिलेशन हो तो लगाएं।
-डॉ. संदीप रालोती, फॉरेंसिक विभाग, स्मीमेर अस्पताल ————-
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