गंजबासौदा में सोमवार रात करीब 8 बजे मौसम बदला। तेज हवा के साथ शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी और आसमान में कड़कती बिजली ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हालांकि बारिश कुछ देर बाद रुक गई, लेकिन छाए हुए काले बादलों ने फसल बर्बादी का डर पैदा कर दिया है। किसान अमन शर्मा ने बताया कि इस समय गेहूं की कटाई का काम जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन अब तक केवल 30 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। करीब 70 प्रतिशत फसल अभी भी खेतों में खड़ी है या कटने के इंतजार में है। ऐसे में तेज हवा से फसल गिरने और बारिश से दाने गीले होने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों की दोहरी मुसीबत किसान हेमराज कुशवाहा के मुताबिक, सुबह तक मौसम बिल्कुल साफ था और किसी को अंदेशा नहीं था कि शाम को पानी गिरेगा। अब अचानक बदले मिजाज से किसान जल्द से जल्द कटाई निपटाने की जुगत में लग गए हैं। किसानों को डर है कि अगर गेहूं गीला हुआ तो उसका रंग खराब हो जाएगा और मंडी में सही दाम नहीं मिलेंगे। खेत गीले होने पर मशीन (हार्वेस्टर) चलाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे काम हफ्तों पिछड़ सकता है। फिलहाल, तेज हवा और बादलों की लुकाछिपी से गंजबासौदा के किसान चिंतित है। सभी की नजरें अब आसमान पर टिकी हैं कि कहीं झमाझम बारिश उनकी साल भर की मेहनत पर पानी न फेर दे।
