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खरगोन टैंकर हादसा: तीन साल बाद 15 मौतों में न्याय:पेट्रोल लूट नहीं, ड्राइवर की लापरवाही थी; 25 पीड़ितों को मिलेगा 4 करोड़ का हर्जाना

तीन साल पहले खरगोन के अंजन गांव के पास हुए भीषण टैंकर हादसे में 15 लोगों की दर्दनाक मौत और 10 लोगों के गंभीर रूप से झुलसने के मामले में खरगोन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। खरगोन मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने सभी पीड़ितों और मृतकों के परिजनों को मिलाकर कुल 3.30 करोड़ रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। ब्याज सहित यह राशि लगभग 4 करोड़ रुपए होगी, जिसे बीमा कंपनी को अदा करना होगा। कोर्ट ने यह आदेश 14 फरवरी को सुनाया है। पहले जानिए क्या है मामला घटना 26 अक्टूबर 2022 को खरगोन के अंजन गांव के पास हुई थी। यहां अलसुबह से तेज गति और लापरवाही से गुजर रहा पेट्रोल-डीजल से भरा टैंकर (MP-09 GF-5304)मोड़ पर पलटी खा गया। इस दौरान एक घंटे के बाद उसमें विस्फोट हो गया। पास में एक हैंडपंप था जहां ग्रामीण पानी भर रहे थे। वे विस्फोट से निकली चिंगारी और लपटों की चपेट में आ गए। इस दौरान एक बालिका की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि 14 झुलसे लोगों को इंदौर के सरकारी एमवाय अस्पताल में एडमिट किया गया था। एक-एक कर 15 ने तोड़ दिया था दम
इलाज के दौरान एक-एक कर इन सभी 14 लोगों ने दम तोड़ दिया था। इसके अलावा 10 अन्य ग्रामीण भी झुलसे थे। मामले में इन सभी मृतकों के वारिसों और झुलसे लोगों की ओर से मुआवजे के लिए खरगोन MACT में केस लगाया गया था। इसमें टैंकर मालिक हरिसिंह पिता मनीराम निवाी मूसाखेडी (इंदौर), ड्राइवर पवन पिता नरसिंह निवासी भीकनगांव (खरगोन) और टैंकर की बीमा कंपनी दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को पक्षकार बनाया गया। बीमा कंपनी ने कोर्ट को दिखाया जलता टैंकर
यह केस तीन साल तक चला। इसमें पीड़ितों, परिजन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हुए। ऐसे ही बीमा कंपनी के अधिकारियों, सर्वेयर के बयान हुए। खास बात यह कि इसमें बीमा कंपनी की ओर से घटना के दौरान का टैंकर का जलता हुआ वीडियो फुटेज कोर्ट में पेश किया। इसे न्यायाधीश ने भी गौर से देखा। बीमा कंपनी का तर्क पेट्रोल लूटने गए थे लोग
बीमा कंपनी ने कोर्ट में तर्क दिया कि जिन लोगों की मौत हुई है और जो लोग झुलसे हैं ये सभी टैंकर पलटने के बाद पेट्रोल-डीजल लूटने गए थे। इसमें उनकी खुद की लापरवाही थी और खुद मौत को बुलावा दिया। कंपनी की ओर से यह भी तर्क दिया कि ड्राइवर तो चिल्ला-चिल्लाकर आगाह कर रहा था कि इसमें कभी भी विस्फोट हो सकता है, लोग हट जाए। फिर भी लोग बर्तनों में पेट्रोल भरकर लूट रहे थे। वीडियो में टैंकर जलता दिखा, लोग नहीं हैं इस वीडियो को दिखाने के दौरान पीड़ितों के एडवोकेट अरुण त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि वीडियों में टैंकर जल रहा है और उसके आसपास लोग नहीं दिख रहे हैं। बीमा कंपनी आरोप लगा रही है कि लोग पेट्रोल लूटने गए थे। कोर्ट ने इस इविडेंस को खास माना। अलग-अलग 25 क्लेम केस किए फाइल सभी 25 पीड़ितों की ओर से एडवोकेट अरुण त्रिपाठी ने 25 अलग-अलग केस फाइल किए। खास बात यह कि सभी मृतक और झुलसे लोग मजदूर परिवार के थे। उन्हें जो मजूदरी मिलती थी उससे ही परिवार की आजीविका चलती थी। कोर्ट ने माना कि इसमें अधिकांश परिवार के मुखिया थे और अभी इनके वारिसों के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं है। इस कारण कोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया। 2013 में सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत दिया फैसला
2013 के सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत फैसला सुनाते हुए कहा कि यू ज ऑफ मोटर व्हीकल यानी वाहन के उपयोग के दौरान कोई दुर्घटना होती है तो इसमें ड्राइवर की लापरवाही रही है। इस केस में टैंकर ड्राइवर की इसलिए भी लापरवाही रही है इसमें हादसे के एक घंटे बाद विस्फोट हुआ। जब ड्राइवर को पता था कि टैंकर पलटा है तो उसने सुरक्षा के कोई प्रयास नहीं किए और न ही प्रशासन को सूचना दी। कोर्ट ने इसे ड्राइवर की घोर लापरवाही मानी। ये खबर भी पढ़ें… बम की तरह फटा टैंकर, कंकाल बन गई युवती खरगोन में बुधवार तड़के पेट्रोल-डीजल से भरा टैंकर पलट गया। इस दौरान वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई। तभी टैंकर में जोरदार ब्लास्ट हो गया। हादसा इतना भयावह था कि 20 साल की एक युवती का केवल कंकाल ही बचा। साथ ही वहां मौजूद 21 लोग झुलस गए। हादसा बिस्टान थाना क्षेत्र के मोगरगांव-गढ़ी मार्ग पर स्थित ग्राम अंजनगांव में हुआ।पूरी खबर पढ़ें

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