सामुदायिक अस्पतालों में 14 से 15 साल की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी का निशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। हालांकि, त्योहारों के कारण टीकाकरण की गति धीमी रही है। सिविल अस्पताल कुक्षी में अब तक 18 और बाग अस्पताल में 15 किशोरियों को एचपीवी के टीके लगाए गए हैं। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाग में तीन किशोरियों को एचपीवी टीके दिए गए। सरकारी अस्पतालों में एचपीवी टीका निशुल्क सीबीएमओ डॉ. हरिसिंह मुवेल ने बताया कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन पहले केवल निजी अस्पतालों में उपलब्ध थी। भारत सरकार की ओर से अब यह सुविधा सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है। 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को इस टीके के लिए चिन्हित किया जा रहा है। किशोरावस्था में टीका लगाने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की संभावना पूरी तरह से समाप्त हो सकती है। यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। बाग ब्लॉक में अब तक 15 टीके ही लगे डॉ. मुवेल ने बताया कि भगोरिया और होली जैसे त्योहारों के चलते एचपीवी टीके लगाने का प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया था। बाग ब्लॉक में अब तक केवल 15 टीके ही लगे हैं। अब शुक्रवार से प्रचार-प्रसार शुरू किया जा रहा है। इसके तहत, बाग ब्लॉक के कन्या छात्रावासों और आश्रमों में वार्डन को सूचित किया गया है कि वे अपने हॉस्टलों में 14 से 15 वर्ष की बच्चियों को एचपीवी टीका लगवाने के लिए अभिभावकों से स्वीकृति लें। डॉ. मुवेल ने यह भी कहा कि ग्रामीण अंचलों के हॉस्टल में किशोरियों को टीका लगाने के लिए अस्पताल की टीम स्वयं वहां पहुंचेगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बच्चियों को एचपीवी टीका अवश्य लगवाएं। कुक्षी में अब तक 18 किशोरियों को वैक्सिन लगे कुक्षी के सीबीएमओ डॉ. नितिन पाटीदार ने जानकारी दी कि कुक्षी में अब तक 18 किशोरियों को एचपीवी टीके लगाए गए हैं। अभिभावकों को उनकी बच्चियों को टीके लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कुक्षी अस्पताल में वैक्सीन के 1000 डोज उपलब्ध हैं और प्रचार-प्रसार का काम शुरू कर दिया गया है।
