सिंगरौली जिले में स्थित देश के सबसे बड़े बिजली संयंत्रों में से एक, एनटीपीसी विंध्याचल की फ्लाई ऐश पाइपलाइन गुरुवार दोपहर अचानक फट गई। इस हादसे के बाद सैकड़ों टन राख (फ्लाई ऐश) और पानी का मिश्रण तेज दबाव के साथ विंध्यनगर से शक्तिनगर (उत्तरप्रदेश) को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर आ गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। फिसलन से राहगीर हुए चोटिल, घंटों बाधित रहा मार्ग पाइपलाइन फटने से सड़क पर भारी मात्रा में कीचड़ जैसा मलबा जमा हो गया, जिससे मार्ग अत्यधिक फिसलन भरा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के समय सड़क से गुजर रहे कई दोपहिया वाहन चालक संतुलन बिगड़ने से गिर पड़े। गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। मलबे के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन घंटों तक बाधित रहा। मरम्मत में जुटी आपातकालीन टीम हादसे के काफी देर बाद एनटीपीसी की तकनीकी और आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले पाइपलाइन की सप्लाई बंद की और मरम्मत का कार्य शुरू किया। सड़क पर फैले फ्लाई ऐश को हटाने के लिए मशीनें लगाई गईं, ताकि फिसलन कम की जा सके और यातायात को दोबारा बहाल किया जा सके। देर शाम तक मार्ग की सफाई का कार्य जारी रहा। प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप स्थानीय वार्ड पार्षद प्रेम सागर ने इस घटना के लिए एनटीपीसी प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लाई ऐश सप्लाई करने वाली पाइपलाइनें काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं, लेकिन समय पर उनका रखरखाव नहीं किया जा रहा है। पार्षद ने बताया कि पूर्व में भी लीकेज के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद प्रबंधन ने कोई स्थायी ठोस कदम नहीं उठाया। प्रबंधन ने साधी चुप्पी इस संबंध में जब एनटीपीसी प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो जनसंपर्क अधिकारी शंकर सुब्रमण्यम ने व्यस्तता का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
