छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक कोसा साड़ी व्यापारी के करीब डेढ़ करोड़ रुपए बाजार में अलग-अलग दुकानदारों के पास फंसे हुए हैं। पैसे वापस नहीं मिलने से परेशान व्यापारी ने अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। वह देनदारों और भगवान की तस्वीरें रथ में लगाकर दंडवत यात्रा कर रहा है। पत्नी और परिवार के साथ देवी मंदिरों में मत्था टेककर वह अपनी उधारी की रकम वापस दिलाने की प्रार्थना कर रहा है। व्यापारी मनोज देवांगन का आरोप है कि इस मामले में उसकी FIR थाने में दर्ज नहीं की गई। व्यापारी ने बताया कि वह मां काली के मंदिर गया था, जहां उसे सपने में देवी के दर्शन हुए। उसके मुताबिक, मां काली ने कहा कि उसकी मनोकामना पूरी होगी, लेकिन उसे उनके बताए मार्ग पर चलना होगा। इसी आस्था के चलते वह दंडवत यात्रा कर रहा है। व्यापारी का कहना है कि इतनी बड़ी रकम फंस जाने से वह मानसिक और आर्थिक रूप से बुरी तरह टूट चुका है। उसके पिता को हार्ट अटैक आ चुका है और इलाज के लिए उसे मदद मांगनी पड़ी। इसके बावजूद देनदारों ने भुगतान करने से इनकार कर दिया। बुधवार को मनोज देवांगन अपने परिवार के साथ एसपी ऑफिस पहुंचा। मामले में शिकायत की है। एएसपी ने आश्वासन दिया गया है कि जिन लोगों से लेनदेन है, उन व्यापारियों को बुलाया जाएगा और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पहले देखिए ये तस्वीरें… व्यापारी की कहानी उसी की जुबानी पढ़िए दरअसल, कोसा साड़ी के थोक व्यापारी मनोज देवांगन (36) का कहना है कि, मैं पिछले 10-12 साल से कोसा साड़ियों का थोक व्यापार कर रहा हूं। रायगढ़ समेत कई जगहों से करीब 100 व्यापारी उनके पास से कैश और उधार में साड़ियां लेकर व्यापार करते हैं। वो समय-समय पर पैसा भी दे देते हैं। लेकिन रायगढ़ के 6 देवांगन समाज के व्यापारी हैं। जिन्होंने साड़ियां उधार ली थी। अब वो लोग मेरी तरक्की देखकर पैसा रोक दिए हैं। जिनकी कुल बकाया राशि करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। जबकि मैं जीएसटी देकर व्यापार करता हूं। कानूनी एक्शन लूंगा कहता हूं तो कानून को खरीद लेंगे कहते हैं। कई बार रुपए मांगने के बावजूद अब ये व्यापारी भुगतान करने से आनाकानी कर रहे हैं। पिता को आ चुका है हार्ट अटैक पीड़ित व्यापारी ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ महीने पहले जब मेरे पिता को हार्ट अटैक आया, तब भी उन व्यापारियों से इलाज के लिए रुपए मांगे, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। व्यापारियों ने कहा कि, तुम्हारे पिता को अटैक आया है, तो उसका ठेका हमने नहीं ले रखा है। हमारा जब मन होगा, तब पैसा देंगे, वरना नहीं देंगे। इस दौरान मुझे भीख तक मांगनी पड़ गई। कारोबार में मेरे घर की पूंजी है। बैंक लोन भी लगा है। जिसका ब्याज भी मुझे देना पड़ता है। इसलिए काफी परेशान हूं। थाने में नहीं लिखी गई FIR, नोटिस बेअसर मनोज ने बताया कि, मैं सिटी कोतवाली थाने में भी FIR के लिए आवेदन लेकर गया था। वहां एसआई एनू देवांगन बैठते हैं, उन्होंने कहा कि सामाजिक मामला है इसलिए आपस में बात कर सुलझा लो। क्योंकि व्यापारिक लेन-देन में FIR नहीं होती है। हत्या, चोरी और डकैती होती तो FIR दर्ज कर लेता। एक वकील के माध्यम से 2-3 व्यापरियों को कानूनी नोटिस भी दिया था, लेकिन वो लोग पोस्टमैन को पैसे देकर नोटिस लेने से इनकार कर देते हैं। मंदिर गया, तो मां काली सपने में आई पीड़ित व्यापारी ने कहा कि यह सब देखकर मैं मां काली के मंदिर गया। उनसे विनती की। जिसके बाद मां काली मेरे सपने में आई और बोलीं कि, बेटा मनोज मैं तेरी मनोकामना पूरी कर दूंगी। लेकिन जैसा मैं कहूंगी तुम्हें वैसा करना पड़ेगा। मां काली ने मुझसे कहा कि, 111 जगह से अलग-अलग स्थान और देवियों से कर नापने का संकल्प लेगा। ऐसे करते रहेगा। इसलिए मां काली के कहने के अनुसार चल रहा हूं। मंगलवार को 16 नंबर का कर नाप रहा हूं। व्यापारी जो पेमेंट देने से इनकार कर रहे थे, वो कुछ हद तक देने के लिए हां कह रहे हैं। यह सब चमत्कार मां काली ही कर रही हैं। मनोज देवांगन ने एक रथ बनाया है, जिसमें मां काली का दरबार सजाया है। इसके अलावा देनदारों की फोटो भी लगाई है। अब जानिए कर नापना क्या होता है जब कोई व्यक्ति भगवान या देवी-देवता से कोई इच्छा (मन्नत) मांगता है, तो वह अपने हाथ (कर) की लंबाई से जमीन या मंदिर परिसर में दूरी नापकर उतनी जगह पर दंडवत प्रणाम करता है या विशेष पूजा करता है। कर नापने के तरीके की बात करें तो व्यक्ति जमीन पर लेटकर हाथ आगे बढ़ाता है। जहां तक हाथ पहुंचे, वहां निशान करता है। फिर उसी जगह से दोबारा लेटकर आगे बढ़ता है। इस तरह पूरी परिक्रमा या तय दूरी ‘कर से नापकर’ पूरी की जाती है।
