तुकोगंज पुलिस द्वारा “इन्फिनिक्स इन्फोटेक” कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले भी इस कंपनी के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत की जा चुकी थी, लेकिन उस समय मामला दर्ज नहीं हो पाया था।
बताया जाता है कि बिहार निवासी अंगेश कुमार ने सबसे पहले शिकायत की थी। क्राइम ब्रांच में डीसीपी के रीडर द्वारा उनके बयान भी लिए गए, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उन्होंने डीसीपी जोन-3 से भी गुहार लगाई।
निवेश के नाम पर लाखों की ठगी
अंगेश कुमार, निवासी पिपरा (बेगूसराय), ने आरोप लगाया कि कंपनी के मालिक मनीष पांडे और कर्मचारी अंकित तिवारी ने उन्हें एक प्रोजेक्ट में निवेश करने का झांसा दिया। इस दौरान उनसे करीब 17.66 लाख रुपए की ठगी की गई।
आरोपियों ने दावा किया था कि उनकी कंपनी एल्गोरिथम आधारित सॉफ्टवेयर के जरिए ऑटोमेटिक ट्रेडिंग कराती है। उन्होंने पीड़ित का डिमेट अकाउंट भी लिंक कराया और एक साल में 1 करोड़ रुपये रिटर्न का लालच दिया।
समझौते का दबाव और कार्रवाई में देरी
पीड़ित का कहना है कि 5 दिसंबर 2025 को उनसे बयान लिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उन्हें 3–4 लाख रुपये लेकर समझौता करने का दबाव बना रहे थे। इस संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी तैयार किया था।
दूसरी शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
मामले में नया मोड़ तब आया जब देपालपुर निवासी नितीश भगत ने भी इसी कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मनीष पांडे समेत अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सैंडलानी और नेहा जैन पर करीब 5 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया।इसके बाद तुकोगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। आशंका है कि इस निवेश योजना के जरिए और भी लोगों से ठगी की गई हो सकती है।
