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इंदौर में शादी के नाम पर ठगी की साजिश:फर्जी पंचनामा बनाकर 9 महीने साथ रही, गहने-नकदी लेकर फरार,कोर्ट ने एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की

शहर में शादी के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने खुद को दुल्हन बताकर युवक और उसके परिवार को झांसे में लिया। फर्जी वैवाहिक पंचनामा तैयार किया और लाखों के जेवर-नकदी लेकर फरार हो गई। मामले में जिला कोर्ट इंदौर ने गंभीरता दिखाते हुए पुलिस थाना एमआईजी से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) तलब की है।
हाईकोर्ट एडव्होकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि एमआईजी क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित ने बताया कि सागर निवासी आरती नाम की महिला ने 19 नवंबर 2019 को शादी का झांसा देकर उसे सागर बुलाया। यहां हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कराने के बजाय कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर वैवाहिक पंचनामा तैयार किया गया और इसे शादी का रूप दे दिया गया।
इसके बाद महिला इंदौर आकर युवक के साथ रहने लगी। इस दौरान उसने चांदी की पायल, करधनी, बिछिया, सोने का मंगलसूत्र और करीब 40 हजार रुपए एफडी के नाम पर ले लिए। साथ ही घर में रखे करीब 30 हजार रुपए नकद भी गायब कर दिए। पीड़ित का आरोप है कि महिला ने कभी भी सात फेरे, सिंदूर, मंगलसूत्र जैसी वैवाहिक रस्में पूरी नहीं कीं। हर बार बहाने बनाकर शारीरिक संबंध बनाने से भी बचती रही और बड़े समारोह में शादी करने की बात कहती रही। कोरोना लॉकडाउन के दौरान करीब 9 महीने तक साथ रहने के बाद 15 अगस्त 2020 को महिला अपने पिता के साथ सागर जाने का कहकर चली गई और फिर लौटकर नहीं आई। बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। कानूनी सलाह में खुला फर्जीवाड़ा
पीड़ित ने जब वकीलों से सलाह ली, तब पता चला कि नोटरी कागजों पर किया गया वैवाहिक पंचनामा कानूनी रूप से मान्य ही नहीं है। इसके बाद उसे अहसास हुआ कि वह शादी के नाम पर ठगी का शिकार हुआ है। कोर्ट पहुंचा मामला, पुलिस से जवाब तलब
पुलिस में कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने अपने वकीलों एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से जिला कोर्ट इंदौर में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और चोरी का परिवाद पेश किया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए एमआईजी थाने से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। कुन्हारे ने बताया की हिंदू विवाह अधिनियम के तहत किसी भी हिंदू लड़के-लड़कियों की अग्नि के समक्ष सप्तपदी, सात फेरे, मांग में सिंदूर,मंगलसूत्र पहनाने सहित चलित मान्यताओं अनुसार शादी की शर्तों का पालन करना जरूरी होता है, तभी वैध संपन्न शादी मानी जाती है। किसी भी स्टाम्प और कागज पर की गई नोटराइज शादी या तलाक गैरकानूनी है। जिसको लेकर माननीय हाई कोर्ट इंदौर ने भी दिनांक 31-12-2020 एक केस आदेश पारित करते हुए में कोर्ट में बार बार ऐसी फर्जी शादी की केस आने का उल्लेख करते हुए प्रिंसिपल सेक्रेटरी लॉ डिपार्टमेंट ऑफ मध्य प्रदेश को सख्त गाइडलाइन जारी करने के लिए निर्देशित किया है। नोटरी शादी मान्य नहीं
हाई कोर्ट एडवोकेट रूपाली राठौर ने बताया कि भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस डिपार्टमेंट ऑफ लीगल अफेयर्स ने भी दिनांक 10-10-2024 को एक मेमोरेंडम जारी किया हैं, जिसमें नोटरी एक्ट का उल्लेख कर चुकी नोटरी महोदय मैरिज ऑफिसर के रूप में नियुक्त नहीं किए गए बताते हुए मेमोरेंडम जारी किया गया है। ये खबर भी पढ़ें… लुटेरी दुल्हन का एक शादी का चार्ज 50 हजार रुपए भोपाल के छोला से पकड़ी गई लुटेरी दुल्हन अनुराधा को फर्जी शादी करने के लिए 50 हजार रुपए मिलते थे। पुलिस मान रही थी कि अनुराधा गैंग के लिए सिर्फ एक मोहरा है, लेकिन उसके मोबाइल की जांच के बाद पता चला कि वह सक्रिय सदस्य की तरह काम कर रही थी। उसने एक एजेंट को धमकाते हुए कहा- जल्दी मेरी शादी करवा रहे हो या फिर किसी और एजेंट से बात करूं? ये मैसेज अनुराधा के फोन में मिला है।पूरी खबर पढ़ें

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