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इंदौर को आज सीएम देंगे विकास कामों की सौगात:नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का हाेगा भूमि पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर प्रवास रहेंगे। वे संकल्प से समाधान अभियान के तहत दशहरा मैदान में आयोजित प्रोग्राम में शामिल होंगे। इस मौके पर सीएम संकल्प से समाधान अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं के तहत लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे। प्रोग्राम के दौरान सीएम शहर को पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ीकरण सहित कई विकास कामों की महत्वपूर्ण सौगात देंगे। इससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी। सीएम पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमि पूजन करेंगे। सीएम के पहल पर संचालित संकल्प से समाधान अभियान के तहत 1 लाख 44 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। दशहरा मैदान में आयोजित इस प्रोग्राम में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई है। जिसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया है। 12 जनवरी से जारी है अभियान शासन के सभी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और सेवाओं का पूरा लाभ ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों तथा तहसील व जिला स्तर पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक संकल्प से समाधान अभियान आयोजित किया है। अभियान के तहत व्यापक स्तर पर शिविर लगाए गए। यह अभियान 4 चरणों में चलाया गया। इसमें विभिन्न विभागों की 106 सेवाओं को शामिल किया। पहले चरण में ग्राम पंचायत, नगर परिषद, एवं नगर पालिक निगम क्षेत्र में 539 कैंपों का आयोजन कर संकल्प से समाधान अभियान के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आवेदन लेने का काम किया गया। इसके बाद ब्लाक एवं क्लस्टर लेवल पर 106 शिविर लगाकर आवेदनों के निराकरण की कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत इंदौर जिले में 1 लाख 44 हजार 912 आवेदन मिले और इन सभी आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया है। इस अभियान के तहत नि:शुल्क उपचार एवं गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान के लिए विभिन्न स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए। अभियान के तहत इंदौर के प्रमुख बॉम्बे अस्पताल, अरविंदो अस्पताल, चोईथराम हॉस्पिटल, इण्डेक्स हॉस्पिटल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शिविरों को आयोजन किया गया। अमृत 2.0 के तहत जल आपूर्ति योजनाओं का भूमिपूजन सीएम डॉ.मोहन यादव अमृत 2.0 योजना के तहत विभिन्न जल आपूर्ति योजनाओं का भूमि पूजन भी करेंगे। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नगर पालिक निगम, इंदौर द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। यह केवल आधारभूत संरचना का विकास नहीं है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर से जुड़ा एक व्यापक प्रयास है, जिसमें इंदौर शहर की भविष्य की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए अतिरिक्त 400 एमएलडी जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। शहर की पानी की सप्लाई की व्यवस्था नर्मदा नदी पर आधारित है, जिसमें लगभग 70 कि.मी. दूर से पंपिंग कर शहर को पानी सप्लाई किया जाता है। नर्मदा पर आधारित जल प्रदाय योजना का पहला चरण वर्ष 1978 तथा दूसरा वर्ष 1992 में क्रियान्वयन किया गया, जिसमें 90-90 एमएलडी चरणबद्ध रूप से कुल 180 एमएलडी इंदौर शहर को पानी सप्लाई किया गया। बढ़ती जनसंख्या और पानी की आवश्यकता को देखते हुए वर्ष 2006-2010 के दौरान प्रोजेक्ट उदय के अंतर्गत 360 एमएलडी क्षमता के नर्मदा तीसरे चरण की योजना का क्रियान्वयन किया गया है, यह योजना वर्ष 2024 तक के लिए है। वर्तमान में नर्मदा प्रथम, द्वितीय चरण से 180 एमएलडी एवं तृतीय चरण से 360 एमएलडी पानी, इस प्रकार वर्ष 2024 तक की जनसंख्या के लिए कुल 540 एमएलडी पानी पम्प कर शहर को सप्लाई किए जाने की व्यवस्था है। शहर की साल 2040 में आंकलित जनसंख्या 58.70 लाख के लिए शहर में 1209 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। अमृत 2.0 योजना कामों के क्रियान्वयन के बाद शहरीय जलापूर्ति वर्तमान 580 एमएलडी से बढ़कर 885 एमएलडी हो जाएगी। इन कामों का होना है भूमिपूजन जिन कामों का भूमिपूजन किया जाएगा उसमें पैकेज-2 के अंतर्गत वांचू पाइंट से राऊ सर्कल तक 2 हजार 235 मि.मी. व्यास की लगभग 39 किलोमीटर लंबी पाईप लाईन बिछाने का काम किया जाएगा, जो शहर के विभिन्‍न हिस्सों तक पानी को सुचारू रूप से पहुंचाने का काम करेंगी। इसके साथ ही तीन प्रमुख स्थानों पर लगभग 2 हजार 870 मीटर लंबाई में आधुनिक तकनीक से टनल निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राऊ सर्कल पर क्लोरिनेशन सिस्टम की स्थापना कर पानी की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाएगा, इस पैकेज की लागत 448.23 करोड़ है और काम 30 महीने में पूरा किया जाएगा।
पैकेज-3 के अंतर्गत 20 नए ओवरहेड टैंक का निर्माण किया जाएगा। इनकी क्षमता 15 से 35 लाख लीटर तक होगी। 29 मौजूदा टैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इन टैंकों को जोड़ने के लिए लगभग 27.4 किलोमीटर लंबी फीडर पाइप लाइन तथा 4.7 किलोमीटर ग्रेविटी मेन लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही लगभग 685 किलोमीटर की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इस पैकेज के अंतर्गत लगभग एक लाख 26 हजार घरेलू जल संयोजन दिए जाने का कार्य किया जाएगा। एक लाख 8 हजार से अधिक वाटर मीटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे 24×7 दबावयुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस पैकेज की लागत 410.50 करोड़ रुपए है। कार्य 36 माह में पूर्ण किया जाएगा। पैकेज-4 के अंतर्गत भी 20 नए ओवरहेड टैंक का निर्माण और 46 मौजूदा टैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। साथ ही लगभग 25.82 किलोमीटर लंबी फीडर लाइन विकसित की जाएगी। लगभग 892 किलोमीटर लंबी वितरण पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इस पैकेज से एक लाख 21 हजार घरेलू जल संयोजन दिए जाने का काम किया जाएगा। एक लाख 62 हजार से अधिक वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिससे जल वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं स्मार्ट बनाया जा सके। इस पैकेज की लागत 497. 23 करोड़ है तथा काम 36 महीने में पूरा किया जाएगा। ये काम पूरा होने के बाद इंदौर में शामिल नए गांव जैसे रेवती, बरदरी, भौरांसला, कुमेडी, शक्करखेड़ी, अरंडिया, मायाखेड़ी, बिचौली हप्सी, पत्थर मूंडला, पालदा, कैलोद करताल, छोटा बांगड़दा, निहालपुर मुंडी, बड़ा बांगड़दा, पाला खेड़ी आदि गांव में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। लगभग 1 हजार 356 करोड़ की लागत के उपरोक्त काम पूरा होने पर शहर के लगभग 2 लाख 47 हजार से अधिक परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा। सीएम करेंगे 20 एमएलडी एसटीपी, सिरपुर तालाब-इंदौर का लोकार्पण सिरपुर तालाब के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का लोकार्पण किया जा रहा है। विगत वर्षों में आसपास की कॉलोनियों से निकलने वाला अशोधित सीवेज तालाब में पहुंचकर उसे प्रदूषित कर रहा था, जिसे रोकने के लिए 10 प्रमुख सीवर आउटफॉल को ट्रैपकर 20 एमएलडी क्षमता का आधुनिक एसटीपी स्थापित किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 8.5 किमी सीवर लाईन एवं 5 किमी ट्रीटेड वाटर रीयूज लाईन का निर्माण किया गया है, साथ ही जल वितरण के लिए 0.5 एमएल क्षमता का ओवरहेड टैंक (OHT) भी स्थापित किया गया है। इस व्यवस्था के माध्यम से अब तालाब को सीवर मुक्त बनाते हुए जल की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा तथा उपचारित जल का उपयोग शहर के लगभग 25 प्रमुख उद्यानों सहित हरित क्षेत्रों, अग्निशमन एवं अन्य कामों में किया जाएगा।

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