लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी का पर्व पूरे उस्ताह के साथ मनाया जाएगा। हालांकि रणजीत लोक के काम के कारण सिमित जगह में ये आयोजन होगा। इसे लेकर प्लानिंग की जा रही है। मंदिर में साकेतधाम सजाया जाएगा। मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा, जिनकी खुशबू से मंदिर परिसर महक उठेगा। गर्मी को देखते हुए मंदिर परिसर में भक्तों के लिए कूलर की भी व्यवस्था की जाएगी। रणजीत हनुमान मंदिर में बीते कई महीनों से रणजीत लोक का काम किया जा रहा है। इसके चलते छोटी पार्किंग और मेन गेट से भक्तों की एंट्री बंद है। बड़ी पार्किंग से ही भक्त मंदिर में एंट्री कर रहे हैं। आगामी रामनवमी के पर्व को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसलिए वैसी ही व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि 27 मार्च को रामनवमी पर मंदिर में साकेतधाम सजाया जाएगा। ये अयोध्या का ही प्राचीन नाम है साकेत। साकेतधाम का स्वरूप दिया जाएगा, इसकी प्लानिंग और काम शुरू हो गया है। कलाकारों द्वारा प्लाई और कपड़े से साकेतधाम तैयार किया जा रहा है। साथ ही मंदिर में फूलों से सजावट की जाएगी। 26 मार्च से दिन में सजावट शुरू हो जाएगी। जिक-जैक पैटर्न में भक्त लाइन से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्मी को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसके लिए यहां 15-20 कूलर भी लगाए जाएंगे। अखंड रामायण की होगी स्थापना, पंचामृत से होगा अभिषेक उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में रामनवमी पर सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी। 3 अप्रैल को हनुमान जयंती के अगले दिन काकड़ आरती के बाद अखंड रामायणजी का समापन होगा। रामनवमी पर सुबह 8 बजे रामजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रामजी का शृंगार किया जाएगा। 12 बजे रामजी की जन्मोत्सव आरती होगी। प्रसाद वितरण रहेगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। रणजीत लोक के काम के चलते जगह की कमी को देखते हुए अच्छे से अच्छे काम करने कोशिश की जा रही है।
